Friday, 30 September 2016

सरहद के रखवाले

सरहद पे करते है रखवाली वो हमारी
हमारा डर उनकी हिमत से छुप जाता है
वो अपने दर्दो को नही देखते कभी
वो अपने सपनो को नही सजाते कभी
सब कुछ लुटा देते है वो हमारे लिए
कुछ अपने लिए नही मांगते कभी

प्रsHant Nagia

No comments:

Post a Comment