इश्क ही इश्क की इबादत को समझ सकता हैI बस तू नही समझी........ मे तो आसमान से तुम्हारे लिए चाँद तारे तोड़ लाया बस तुम नही समझी....... कम्भ्कक्त प्यार को इतना ना समझ , किस ने बना दिया मै समझ गया बस तू नही समझी....... प्रsHant Nagia
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