जब बन जाउगा कुछ तो पूछेगे लोग छोटा सा था आज बड़ा हो गया बोहत गुज़रा हूँ मै भी इन ही गलियों से जहा चलता था मै तुम्हारे साथ रोज़ मंजिल मिली मुझे रास्ता बनाने पर पोहच गया आज मै अपने ठिकाने पर
प्रsHant Nagia
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