रुक गए थे हम जाने से तुम्हारे
चल रहे थे हम तो तेरे ही सहारे
हवाओं को मेहकाके जो तूने छोड़ दिया
फूलो को खिला के जो तूने छोड़ दिया
होती नही है अब मेरी तो सुबह
रातों को जगाके जो तूने छोड़ दिया
तुझ मे बस्ता था मे तेरा ही था सदा
युं अपना सा बनाके जो तूने छोड़ दिया
प्रsHant Nagia
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