Sunday, 4 September 2016

टूटे हुए लफ्ज

कुछ टूटे हुए लफ्जों से कहा था तूझे
   के दिल के करीब रखूँगा तुझे
  समझा ना तूने मेरे ज़ज्बातों को
   और दे गई इन हालातो को

आँखों मे थे आंसू मेरे
देख के तुझे निकले नही
समझा था मै, समझ  जाएगी तू  मेरी है
मेरी हो जाएगी तू ..............

गुज़रे हुए पलो मे भी ना रही मेरी
दिल ले गई अब जान भी ले जायेगी तू /

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