Thursday, 13 October 2016

तुम हो

तुम हो राहों मे मेरी
तुम हो बाँहों मे मेरी
तुम बिन थम गई यह धडकने
तुम हो सांसो मे मेरी
जिंदगी तुम हो मौत तुम हो
मेरे हर पल मे तुम ही तुम हो
तुम ने मुझे अपना बनाया
मैंने तुम्हे है पाया
होना जुदा ना तुम अब मुझसे
पाके तुम्हे मुझे चैन आया
लेके चला हूँ साथ तुम्हे अपने
बनाके मे अपना साया
प्रsHant Nagia

Monday, 10 October 2016

ख़ुशी

किसी के होने से खुश नही होते
किसी के खोने से खुश नही होते
क्या चाहिए तुम्हे जिंदगी से
किसी की जिंदगी लेके खुश नही होते
किसी को जिंदगी देके खुश नही होते

प्रsHant Nagia

Monday, 3 October 2016

नज़र

झुकी नजरो को देख के अभी होश को दिए
देखा जो नज़र से नज़र को  तो बेहोश हो जाएगे
प्रsHant Nagia

तारे

रात के तारे करते है चांदनी जेसे
मुझ पे बिखरा है तू वेसे।
रातों मे अता है ख्वाब की तरहा
सुबह किसी कोयल की अवाज़ की तरहा
बसा है मेरे दिल मे तू साँस की तरहा।
प्रsHant Nagia