तुम हो राहों मे मेरी
तुम हो बाँहों मे मेरी
तुम बिन थम गई यह धडकने
तुम हो सांसो मे मेरी
जिंदगी तुम हो मौत तुम हो
मेरे हर पल मे तुम ही तुम हो
तुम ने मुझे अपना बनाया
मैंने तुम्हे है पाया
होना जुदा ना तुम अब मुझसे
पाके तुम्हे मुझे चैन आया
लेके चला हूँ साथ तुम्हे अपने
बनाके मे अपना साया
प्रsHant Nagia
Thursday, 13 October 2016
तुम हो
Monday, 10 October 2016
ख़ुशी
किसी के होने से खुश नही होते
किसी के खोने से खुश नही होते
क्या चाहिए तुम्हे जिंदगी से
किसी की जिंदगी लेके खुश नही होते
किसी को जिंदगी देके खुश नही होते
प्रsHant Nagia
Subscribe to:
Posts (Atom)