Monday, 3 October 2016

तारे

रात के तारे करते है चांदनी जेसे
मुझ पे बिखरा है तू वेसे।
रातों मे अता है ख्वाब की तरहा
सुबह किसी कोयल की अवाज़ की तरहा
बसा है मेरे दिल मे तू साँस की तरहा।
प्रsHant Nagia

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