नदियों से तेज़ बेहेता है जो मेरा प्यार तुझ मे रहता है जो टकराते है हम भी पत्थर पे पानी की तरह मिटा देते है पल भर मे दूरिया जिस तरह वो भी टूट जाते है हम भी टूट जाते है एक दुसरे मे दोनों जिस तरहा
प्रsHant Nagia
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