Wednesday, 14 September 2016

सपने

बीत गई वो राते सपने बनके सपनो मे
जब हर पल थे हम तेरे अपनों मे
अब बाते है याद करने को तुम्हारी
पर वो भी हंसती है बाते सुनके हमारी
जिंदगी मे हंसी तो है पर ख़ुशी नही है
मुस्कुराने का मतलब यह नही मिल गए तुम
दूरियां भी हंसती है कभी नजदीकियो पे

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