बीत गई वो राते सपने बनके सपनो मे जब हर पल थे हम तेरे अपनों मे अब बाते है याद करने को तुम्हारी पर वो भी हंसती है बाते सुनके हमारी जिंदगी मे हंसी तो है पर ख़ुशी नही है मुस्कुराने का मतलब यह नही मिल गए तुम दूरियां भी हंसती है कभी नजदीकियो पे
No comments:
Post a Comment